अच्छे कार्यों से हाथों का सौंदर्य बढ़ता है, आभूषणों से नहीं

सुंदर हाथ । बहुत समय पहले की बात है। कुछ स्त्रियां एक नदी के तट पर बैठी थीं। वे सभी धनवान होने के साथ-साथ अत्यंत सुंदर भी थीं। वे नदी के शीतल एवं स्वच्छ जल में अपने हाथ – पैर धो रही थीं तथा पानी में अपनी परछाई देख- देखकर अपने सौंदर्य पर स्वयं ही मुग्ध हो रही थीं। तभी उनमें से एक ने अपने हाथों की प्रशंसा करते हुए कहा, “देखो, मेरे हाथ कितने सुंदर हैं।” लेकिन दूसरी स्त्री ने दावा किया कि उसके हाथ ज्यादा खूबसूरत हैं। तीसरी…

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